उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में वोटर लिस्ट से 13.03 लाख नाम कटे, नए मतदाताओं की मैपिंग के नियम बदले

देहरादून.

प्रदेश में अब नए वोटर को मैपिंग नहीं करानी पड़ेगी। वोटर की मैपिंग के लिए फार्म-चार का इस्तेमाल केवल एसआइआर के लिए ही होना था। अब चूूंकि एसआइआर की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।

ऐसे में अब नए मतदाताओं को वर्ष 2003 से मैपिंग कराने की जरूरत नहीं है। इतना जरूर है कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) यदि चाहे तो वह मतदाता से अपनी संतुष्टि के लिए पुराने दस्तावेज भी दिखाने को कह सकता है।

सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर सत्यापन के दौरान उन युवाओं के भी फार्म-छह भरवाएंगे, जो एक अक्टूबर, 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर मतदाता बनने के पात्र हो गए हैं।

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