बिहार/झारखंडराज्य

IIT पटना के 10 वैज्ञानिकों को वैश्विक पहचान, स्टैनफोर्ड की टॉप 2% वैज्ञानिकों की सूची में जगह

 पटना
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) पटना के 10 संकाय सदस्यों ने वैश्विक स्तर पर संस्थान का मान बढ़ाया है। वर्ष 2026 के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा संकलित दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में इन्हें जगह मिली है।

यह उपलब्धि संस्थान में हो रहे शोध कार्यों और वैज्ञानिकों के अकादमिक योगदान को वैश्विक पहचान मिलने के रूप में देखी जा रही है।

शोध के प्रभाव और उद्धरण के आधार पर चयन
यह वैश्विक डेटाबेस एल्सेवियर की ओर से उपलब्ध कराए गए स्कोपस डेटा का उपयोग कर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है।

इसमें दुनिया भर के शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान और उनके शोध के प्रभाव का आकलन किया जाता है। वैज्ञानिकों को 22 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है।

चयन के लिए समग्र उद्धरण सूचकांक का उपयोग किया जाता है, जो शोध प्रकाशनों की पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।

पूर्व निदेशक समेत भौतिकी विभाग के शिक्षाविद शामिल
सूची में आइआइटी पटना के पूर्व निदेशक प्रो. टीएन सिंह, प्रशासन के डीन और भौतिकी विभाग के प्रो. अवधेंद्र कुमार ठाकुर तथा भौतिकी विभाग के प्रमुख प्रो. नवीन कुमार निश्चल शामिल हैं। इन शिक्षाविदों के शोध योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से संस्थान की अकादमिक प्रतिष्ठा को बढ़ावा मिला है।

इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के शोधकर्ताओं को भी सम्मान
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरजीत कुमार पाल, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान (एचएसएस) विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋचा चौधरी और गणित विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभामाय दास को भी सूची में शामिल किया गया है। कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपर्णा साहा ने भी इस सूची में जगह बनाई है।

इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ भी शामिल
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. अनिर्बान भट्टाचार्य, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. महेशकुमार एच. कोलेकर और इसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजन कुमार बेहरा भी सूची में शामिल हैं। अलग-अलग विषयों के इन शिक्षाविदों की मौजूदगी संस्थान में विविध क्षेत्रों में हो रहे शोध कार्यों को रेखांकित करती है।

वैश्विक पहचान से संस्थान की शोध प्रतिष्ठा को बढ़ावा
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की सूची में शामिल होना शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक प्रकाशनों और उनके प्रभाव की अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़ा है।

आइआइटी पटना के 10 संकाय सदस्यों का चयन संस्थान के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। इससे विज्ञान, तकनीक और अंतरविषयक शोध के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान की उपस्थिति भी सामने आती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button